Saturday, 9 May 2020

टूट कर जब पात पेड़ों से धरा पर आ गिरे, प्रकृति के इस मौन क्रंदन पर बता मन में क्या लिखूं , चंद रोटी के लिए नाचता संसार है, मौत की इस महामारी में बता मन में क्या लिखूं, कौन जाने किस घड़ी में आ गया यह कालकूट, जो जहां था वहीं ठहरा देखकर मृत्यु का रूप, महा तांडव पर बता मन मैं क्या लिखूं ,देखकर विचलित हुआ मन कोरोना के काल को अब बता मन में क्या लिखूं

Thursday, 7 May 2020

एक नया सबेरा आयेगा इस सूरज के फैले उजियारे में, एक नया राग सुनायेगा, फिर एक नया सबेरा आयेगा।घबराना मत लड़खड़ाना मत, एक नया सबेरा आयेगा, चाहे कितने तूफान चले अपनी बाहे फैलाए, तूफानों को चीरकर फिर नया सबेरा आयेगा फिर। धीर बनो गंभीर बनो एक अगर हो जाओगे वो समय अब दूर नहीं जब मंजिलों को तुम पाओगे।बस चले चलो बस चले तुम तूफानों को चीर कर एक नया सबेरा आयेगा।

Sunday, 3 May 2020

Bajan mala

जय गणेश गणनाथ दयानिधि सकल विघ्न कर दूर हमारे।टेक।  प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो  तिसके पूरण कारज सारे।१।जय.०                                                                    लंबोदर गज बदन मनोहर  कर त्रिशूल परशू वर धारे।२।जय ०                                                                           ब्रह्मादिक सुर घ्यावत मनमें, ऋषि मुनि गण सब दास तुम्हारे ।४।जय०                                                      ब्रह्मानंद सहाय करो नित भक्ती जनों के तुम रखवारे ।५।जय०